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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 57
कथितं सहितं कुम्भं सूर्य भेदनकं शृणु । पूरयेत्‌ सूर्यनाङ्या च यथाशक्ति बहिर्मरुत्‌ ॥
(सूर्यभेदक कुंभक विधि कहते हैं-) सहित कुंभक (ऊपर) बताया गया है। अब सूर्य भेदक प्राणायाम को सुनो - प्रथम दायें छिद्र से पूरक को यथा शक्ति करे।
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