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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 46
सहितो द्विविधः प्रोक्तः सगर्भश्चनिगर्भकः । सगर्भो बीजमुच्चार्य निगर्भो बीजवर्जितः ॥
सहित कुंभक दो प्रकार का कहा गया है - सगर्भ और निर्गर्भ। सगर्भ को बीजमंत्र का उच्चारण करते हुए और निगर्भ को बीज का उच्चारण न करते हुए प्राणायाम करे।
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