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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 45
सहितः सूर्य भेदश्व उज्जायी शीतली तथा । भस्त्रिका भ्रामरी मूर्छा केवली चाष्टकुम्भिकाः ॥
सहित, सूर्यभेद, उज्जायी, शीतली, भस्त्रिका, भ्रामरी, मूर्छा, केवली ये आठ प्रकारीय कुंभक प्राणायाम होते हैं।
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