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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 30
प्रात: स्नानोपवासादि कायक्लेशविधिं तथा । एकाहारं निराहारं यामान्ते च न कारयेत्‌ ॥
प्रात: समय स्नान, उपवासादि कायाक्लेश, विधि रहित कार्य और एक समय आहार, निराहार रहना और एक प्रहर बाद खाना, ये सब नहीं करने चाहिये।
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