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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 19
आमरम्भां बालरम्भां रम्भादण्डं च मूलकम्‌ । वार्ताकी मूलकं ऋद्धि योगी भक्षणमाचरेत्‌ ॥
आमरंभ, कच्ची गहर, केला का दण्ड और जड़, बेगन, मूली आदि औषधि योगी को खानी चाहिये।
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