शाल्यन्नं यवपिण्डं वा गोधूमपिण्डकं तथा ।
मुद्गं माषचणकादि शुभ्रं च तुषवर्जितम् ॥
(योगारंभ के समय) शाली चावल, जौ का अन्न, गेहूँ अन्न, मूँग, उड़द या चना, स्वच्छ और भूसी रहित भोजन करे।
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