अनुभावं प्रवक्ष्यामि ऋतूनां च यथोदितम् ।
माघादिमाधवान्तेषु वसन्तानुभवश्चतुः ॥
अब मैं ऋतुओं का यथाप्रकार अनुभव बताता हूँ। माघमास से वैशाख तक वसंत का अनुभव होता है।
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