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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 11
वसन्तश्चैत्र वैशाखौ ज्येष्ठाषाढ़ो च ग्रीष्मकौ । वर्षा श्रावणभाद्राभ्यां शरदाश्चिनकार्तिकौ । मार्गपौषौ च हेमन्तः शिशिरो माघफाल्गुनौ ॥
वसंत चैत्र और वैशाख में ग्रीष्म ऋतु ज्येष्ठ-आघाढ़ में, वर्षा ऋतु श्रावण भाद्रपद में, शरदऋतु आश्विन, कार्तिक में, मार्गशीर्ष और पौष में हेमन्तक्रतु तथा माघ, फाल्गुन में शिशिर ऋतु में होती है।
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