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घेरण्ड संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 93
इदं तु मुद्रापटलं कथितं चण्ड ते शुभम्‌ । बल्लभं सर्वसिद्धानां जरामरणनाशनम्‌ ॥
घेरण्ड ऋषि बोले - हे चंडकापालि! यह मुद्राविवरण मैंने तुमसे कहा है। यह सब सिद्धजनों का प्रिय और जरामृत्यु का विनाशक होता है।
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