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घेरण्ड संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 86
काकीमुद्रा परा मुद्रा सर्वतन्त्रेषु गोपिता । अस्याः प्रसादमात्रेण न रोगी काकवद्‌ भवेत्‌ ॥
काकीमुद्रा सब तन्त्रों में गोपनीय है। इसके प्रसाद से काकवत्‌ नीरोग हो जाता है।
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