इयं तु परमा मुद्रा जरामृत्युविनाशिनी ।
वायुना प्रियते नापि खे च गतिप्रदायिनी ॥
यह श्रेष्ठ वायवी मुद्रा जरामृत्यु विनाशिनी है, इसके कारण वायुकोष से मृत्यु नहीं होती तथा यह आकाशगमन को देने वाली होती है।
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