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घेरण्ड संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 73
इयं तु परमा मुद्रा गोपनीया प्रयत्नतः । प्रकाशात्‌ सिद्धिहानिः स्यात्‌ सत्यं वच्मि च तत्त्वत्तः ॥
यह श्रेष्ठ मुद्रा प्रयत्नपूर्वक गोपनीय है। इसके प्रकाश से सिद्धि की हानि होती है, यह मैं सत्य कहता हूँ।
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