मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
घेरण्ड संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 25
जिह्वाधो नाडीं सञ्छिन्नां रसनां चालयेत्‌ सदा । दोहयेन्नवनीतेन लौहयन्त्रेण कर्षयेत्‌ ॥
खेचरी मुद्रा - जिह्वा के नीचे की नाड़ी को छिन्न करके रसना को सदैव चलाना चाहिये। जिह्वा को मक्खन से दुहा करना चाहिये और लौहयन्त्र से खींचना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
घेरण्ड संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

घेरण्ड संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें