मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
घेरण्ड संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 5
अभ्यासात्कादिवर्णानि यथा शास्त्राणि बोधयेत्‌ । तथा योगं समासाद्य तत्त्वज्ञानञ्च लभ्यते ॥
जिस प्रकार संसार में क आदि वर्ण या अक्षरों को और अनेक प्रकार के शाख्रों को जाना जाता है, उसी प्रकार योग को ग्रहण करके तत्त्वज्ञान को प्राप्त किया जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
घेरण्ड संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

घेरण्ड संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें