मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
घेरण्ड संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 49
बस्ति पश्चिमोत्तानेन चालयित्वा शनेरध: । अश्विनीमुद्रया पायुमाकुञ्चयेत्‌ प्रसारयेत्‌ ।।
भूमि पर पश्चिमोत्तान होकर (पीठ को और ऊपर उठाकर) गुदाद्वार को चलाकर धीरे-धीरे अश्विनी मुद्रा से आकुञ्चन और प्रसारण (सिकोड़ना और फैलाना) की क्रिया करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
घेरण्ड संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

घेरण्ड संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें