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घेरण्ड संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 34
बद्धाङ्गुष्ठेन दक्षेण मार्जयेद्धालरन्ध्रकम्‌ । निद्रान्ते भोजनान्ते न दिवान्ते च दिने दिने ॥
(कपालरंध्र का शोधन कैसे करें, यह बताते हैं) प्रतिदिन निद्रा के अन्त में (अर्थात्‌ प्रातःकाल उठने के पश्चात), भोजन करने के बाद तथा दिनान्त (सोने से पूर्व) दाहिने हाथ के अंगुष्ठ से भालरंध्र (सिर में स्थित कपाल स्थान) को मार्जन (स्वच्छ) करना चाहिये।
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