नित्यं कुर्यात्प्रयत्नेन रवेरुदयकेऽस्तके ।
एवं कृते च नित्यं सा लम्बिका दीर्घतां ब्रजेत् ॥
प्रयत्नपूर्वक सूर्योदय और सूर्यास्त के समय नित्यप्रति (यह धौति क्रिया) करनी चाहिये। और इस प्रकार नित्य किये जाने पर जिह्वा लम्बी हो जाती है।
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