मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
घेरण्ड संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 29
अथातः सम्प्रवक्ष्यामि जिह्वाशो धनकारणम्‌ । जरामरणरोगादीन्‌ नाशयेद्दीर्घलम्बिका ॥
(पुनः जिह्वाशोधन क्या है, यह बताते हैं-) इसके पश्चात्‌ में जिह्वाशोधन का कारण बताता हूँ। यह क्रिया वृद्धावस्था और रोगादियों को नष्ट करती है, तथा जिह्वा इससे लम्बी होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
घेरण्ड संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

घेरण्ड संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें