वे बोले - हे योगेश्वर! जो तत्त्व ज्ञान का कारण है तथा शरीर में स्थित योग है, उसे मैं इस समय सुनना चाहता हुँ । हे स्वामिन्! हे योगेश्वर! यह मुझे (कृपा करके) बताइए।
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