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घेरण्ड संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 10
षट्कर्मणा शो धनञ्च आसनेन भवेददृढम्‌ । मुद्रया स्थिरता चैव प्रत्याहारेण धीरता ॥
(सातो योग साधनों की व्याख्या करते हुए घेरण्ड ऋषि बोले) प्रथम योग साधन - शोधन छह कार्यों से, योग में दृढ़ता आसनों से, स्थिरता विविध मुद्राओं से और धीरता का भाव प्रत्याहार से होता है।
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