मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
गरुड़ • अध्याय 1 • श्लोक 8
ॐ क्षिप स्वाहा ॥
ॐ (हे महागरुड़! आप विषधरों अथवा विषों को) क्षिप अर्थात् दूर फेंक दें। ( इस निमित्त) आहुति समर्पित है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
गरुड़ के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

गरुड़ के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें