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गणेशगीता • अध्याय 9 • श्लोक 7
भक्तिश्चैवादरश्चात्र कारणं परमं मतम् । सर्वेषां विदुषां श्रेष्ठो ह्यकिंचिज्ज्ञोऽपि भक्तिमान् ॥
थोड़ा जानने वाला भी यदि भक्तिमान् हो तो वह सम्पूर्ण विद्वानों में श्रेष्ठ है। इसमें मुख्य कारण भक्ति ही है।
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