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गणेशगीता • अध्याय 9 • श्लोक 41
इति क्षेत्रं तथा ज्ञाता ज्ञानं ज्ञेयं मयेरितम् । अखिलं भूपते सम्यगुपपन्नाय पृच्छते ॥ इति श्रीमद्गणेशगीतासूपनिषदर्थगर्भासु योगामृतार्थशास्त्रे श्रीगणेशपुराणे उत्तरखण्डे गजाननवरेण्यसंवादे क्षेत्रज्ञातृज्ञेयविवेकयोगो नाम नवमोऽध्यायः ॥
हे राजन्! इस प्रकार क्षेत्र, ज्ञाता, ज्ञान तथा ज्ञेय का विषय तुमसे मैंने वर्णन किया, जो तुमने पूछा था, वह सब मैंने बता दिया।
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