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गणेशगीता • अध्याय 9 • श्लोक 35
ततश्च सर्वभावेन भज त्वं मां नरेश्वर । भक्त्या चाव्यभिचारिण्या सर्वत्रैव च संस्थितम् ॥
हे नरेश्वर! तदनन्तर सर्वभाव से तुम मेरा भजन करो और निश्चल भक्ति से सर्वत्र स्थित मुझे स्थित जानो।
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