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गणेशगीता • अध्याय 9 • श्लोक 20
वरेण्य उवाच- किं क्षेत्रं कश्च तद्वेत्ति किं तज्ज्ञानं गजानन । एतदाचक्ष्व मह्यं त्वं पृच्छते करुणाम्बुधे ॥
वरेण्य बोले - हे गजानन! क्षेत्र क्या है और उसको जानने वाला कौन है, उसका ज्ञान क्या है, हे करुणासागर! मुझ प्रश्न करने वाले को यह सब आप बताइये।
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