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गणेशगीता • अध्याय 9 • श्लोक 13
अथैतदप्यनुष्ठातुं न शक्तोऽसि तदा कुरु । प्रयत्नतः फलत्यागं त्रिविधानां हि कर्मणाम् ॥
और यदि यह भी न कर सको तो यत्नपूर्वक तीनों प्रकार के कर्मों के फल का त्याग करो।
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