असन्मृत्युः सदमृतमात्मा ब्रह्माहमेव च ।
दानं होमस्तपो भक्तिर्जपः स्वाध्याय एव च ॥
असत्, सत्, मृत्यु, अमृत, आत्मा, ब्रह्म, दान, होम, तप, भक्ति, जप, स्वाध्याय - यह सब मैं ही हूँ।
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