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गणेशगीता • अध्याय 7 • श्लोक 10
पूजयेन्मां प्रयत्नेन तत्तदिष्टं फलं लभेत् । त्रिविधास्वपि पूजासु श्रेयसी मानसी मता ॥
जो यत्नपूर्वक मेरी पूजा करता है, वह इष्ट फल को प्राप्त करता है। तीनों प्रकार की पूजा में मानसी पूजा श्रेष्ठ है।
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