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गणेशगीता • अध्याय 6 • श्लोक 9
क्षितौ सुगन्धरूपेण तेजोरूपेण चाग्निषु । प्रभारूपेण पूष्ण्यब्जे रसरूपेण चाप्सु च ॥
पृथ्वी में सुगन्धिरूप से, अग्नि में तेजरूप से, सूर्य और चन्द्र में प्रभारूप से, जल में रसरूप से,
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