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गणेशगीता • अध्याय 6 • श्लोक 19
ब्रह्मविष्णुशिवेन्द्राद्याँल्लोकान्प्राप्य पुनः पतेत् । यो मामुपैत्यसंदिग्धः पतनं तस्य न क्वचित् ॥
ब्रह्मा, विष्णु, शिव, इन्द्रादि लोकों को प्राप्त होकर वह फिर संसार में जन्म लेता है, किंतु जो असन्दिग्ध होकर मुझको प्राप्त होता है, उसका फिर जन्म नहीं होता।
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