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गणेशगीता • अध्याय 6 • श्लोक 1
श्रीगजानन उवाच- ईदृशं विद्धि मे तत्त्वं मद्गतेनान्तरात्मना । यज्ज्ञात्वा मामसन्दिग्धं वेत्सि मोक्ष्यसि सर्वगम् ॥
श्रीगणेशजी बोले - (हे राजन्!) इस प्रकार मुझमें मन लगाकर मेरा वह तत्त्व जानो, जिसके जानने से मुझे सर्वगत और यथार्थ जानकर मुक्त हो जाओगे।
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