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गणेशगीता • अध्याय 5 • श्लोक 13
संकल्पजांस्त्यजेत्कामान्नियताहारजागरः । नियम्य खगणं बुद्ध्या विरमेत शनैः शनैः ॥
सम्पूर्ण इच्छा और कामनाओं का त्याग करे, थोड़ा भोजन करे, जागरणशील हो, बुद्धि से सब इन्द्रियों को वश में करके शनैः शनैः शान्ति को प्राप्त हो।
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