योगाभ्यासी को ये सब दोषपूर्ण स्थान त्याग देने चाहिये, ऐसा न करने से अवश्य स्मृतिलोप आदि दोष होते हैं (अतः उपर्युक्त स्थानों में योगसाधन न करे)।
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