जिनकी निष्ठा और बुद्धि मुझमें ही है, जिनका चित्त मुझमें अत्यन्त आसक्त है और जो सदा मेरे परायण हैं, वे श्रेष्ठ ज्ञान द्वारा पाप का नाश करके मुक्त हो जाते हैं।
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