राजा वरेण्य बोले - हे गजानन! आप तो इस समय गर्भ से उत्पन्न हुए हैं, फिर आपने विष्णु से यह उत्तम योग किस प्रकार से वर्णन किया?
पूरा ग्रंथ पढ़ें
गणेशगीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
गणेशगीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।