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गणेशगीता • अध्याय 3 • श्लोक 2
अर्यम्णे सोऽब्रवीत्सोऽपि मनवे निजसूनवे । ततः परम्परायातं विदुरेनं महर्षयः ॥
विष्णु ने यही योग सूर्य से कहा। सूर्य ने अपने पुत्र वैवस्वत मनु से कहा। इसके उपरान्त परम्परा से प्राप्त हुए इस योग को महर्षिगण जानते रहे।
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