श्रीगणेशजी बोले - रजोगुण और तमोगुण से उत्पन्न हुए ये काम और क्रोध ही दो महापापी हैं। ये लोगों को अपने वश में करते हैं, इन्हीं दोनों को तुम महान् शत्रु जानो।
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