कार्याकार्यकृतीनां स नैवाप्नोति शुभाशुभे ।
किंचिदस्य न साध्यं स्यात्सर्वजन्तुषु सर्वदा ॥
इस प्रकार का प्राणी कार्या करके भी शुभ-अशुभ फल को नहीं प्राप्त होता तथा सम्पूर्ण प्राणियों में इसका कभी कुछ साध्य नहीं होता।
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