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गणेशगीता • अध्याय 11 • श्लोक 50
सवाहनां सायुधां च समभ्यर्च्य यथाविधि । यः पठेत्सप्तकृत्वस्तु गीतामेतां प्रयत्नतः ॥
विधिपूर्वक पूजन करके जो यत्नपूर्वक सात बार इस गणेशगीता का पाठ करता है,
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