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गणेशगीता • अध्याय 11 • श्लोक 46
स्त्रीहिंसागोवधादीनां कर्तारो ये च पापिनः । ते सर्वे प्रतिमुच्यन्ते गीतामेतां पठन्ति चेत् ॥
स्त्रीहिंसा, गोवध आदि करने वाले पापी भी इस गीता के पढ़ने से पापमुक्त हो जाते हैं।
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