हेतुहीनमसत्यं च देहात्मविषयं च यत् ।
असदल्पार्थविषयं तामसं ज्ञानमुच्यते ॥
हेतुरहित, असत्य तथा देह और मन के सुख के लिये असत् और अल्प अर्थयुक्त विषयों में लगना - इस ज्ञान का नाम तामस है।
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