न योगं योगमित्याहुर्योगो योगो न च श्रियः ।
न योगो विषयैर्योगो न च मात्रादिभिस्तथा ॥
'योग' इस शब्द का ही अर्थ योग नहीं, लक्ष्मी की प्राप्ति होने का नाम योग नहीं, विषय-सुख की प्राप्ति होने का नाम योग नहीं और इन्द्रिय-सम्पन्न होने का नाम भी योग नहीं है।
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