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गणेशगीता • अध्याय 1 • श्लोक 5
वरेण्य उवाच विघ्नेश्वर महाबाहो सर्वविद्याविशारद । सर्वशास्त्रार्थतत्त्वज्ञ योगं मे वक्तुमर्हसि ॥
राजा वरेण्य बोले - हे विघ्नेश्वर! हे महाभुज! हे सर्व विद्याओं के पण्डित! हे सम्पूर्ण शास्त्र के तत्त्व को जानने वाले! आप मुझसे योगमार्ग का वर्णन कीजिये।
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