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गणेशगीता • अध्याय 1 • श्लोक 22
समो मां वस्तुजातेषु पश्यन्नन्तर्बहिःस्थितम् । सूर्ये सोमे जले वह्नौ शिवे शक्तौ तथानिले ॥
सम्पूर्ण वस्तुओं में समान भाव से बाहर भीतर मुझे स्थित जानना, सूर्य, चन्द्रमा, जल, अग्नि, शिव, शक्ति,
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