जहाति यदि कर्माणि ततः सिद्धिं न विन्दति ।
आदौ ज्ञाने नाधिकारः कर्मण्येव स युज्यते ॥
यदि कोई कर्म का त्याग करेगा तो उससे उसे सिद्धि की प्राप्ति नहीं होगी। ज्ञान में प्रथम अधिकार भी कर्म से ही प्राप्त होता है।
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