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गणेशगीता • अध्याय 1 • श्लोक 15
चित्तशुद्धिश्च महती विज्ञानसाधिका भवेत् । विज्ञानेन हि विज्ञानं परं ब्रह्म मुनीश्वरैः ॥
चित्त की शुद्धि होने से ही विज्ञान की प्राप्ति होती है, विज्ञान के द्वारा ही ऋषियों ने परब्रह्म को जाना है।
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