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दुर्गासप्तशती • अध्याय 9 • श्लोक 8
आयान्तं चण्डिका दृष्ट्वा तत्सैन्यमतिभीषणम् । ज्यास्वनैः पूरयामास धरणीगगनान्तरम् ॥
जब चण्डिका ने उस अत्यन्त भयानक सेना को आते देखा, तब उन्होंने अपने धनुष की प्रत्यंचा के तीव्र शब्द से पृथ्वी और आकाश के मध्य का स्थान गुंजा दिया।
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