॥ स्वस्ति श्रीमार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे देवीमाहात्म्ये रक्तबीजवधो नामाष्टमोऽध्यायः । उवाच १, अर्धश्लोकः १, श्लोकाः ६१, एवमादितः ॥
इस प्रकार श्रीमार्कण्डेय पुराण के सावर्णिक मन्वंतर में स्थित देवीमाहात्म्य का “रक्तबीजवध” नामक आठवाँ अध्याय समाप्त होता है।
इसमें एक उवाच, एक अर्धश्लोक और कुल इकसठ श्लोक हैं।
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