तांश्चखादाथ चामुण्डा पपौ तस्य च शोणितम् । देवी शूलेन वज्रेण बाणैरसिभिरृष्टिभिः ॥
चामुण्डा उन असुरों को खा जाती और उसका रक्त पी लेती, जबकि देवी शूल, वज्र, बाण, तलवार और भालों से उस पर प्रहार करती रहीं।
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