माहेश्वरी त्रिशूलेन तथा चक्रेण वैष्णवी । दैत्याञ्जघान कौमारी तथा शक्त्यातिकोपना ॥
माहेश्वरी ने त्रिशूल से, वैष्णवी ने चक्र से और अत्यन्त क्रोधित कौमारी ने अपनी शक्ति से दैत्यों का संहार किया।
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